Ahiraj Snake Saamp

Ahiraj Snake

परिचय: Ahiraj

Ahiraj, Ahiraaj Snake or Ahraj (अहिराज) को ग्रामीण क्षेत्रों में साँप की सबसे घातक प्रजाति के रूप में माना जाता है। इसे इंग्लिश में बैंडेड क्रैत (Banded Krait) कहा जाता है।

यह करैंत प्रजाति की साँप है, और इस कुल की सबसे बड़ी नस्ल होती है। 

हालांकि ग्रामीण इलाकों में सबसे जहरीला सांप सामान्य करैत है।

Ahiraj is one of the most deadliest species of snake in India. It is known by many many other names in local areas.

General info.: Ahiraj Snake

अन्य नाम:

Ahiraj Samp, Ehraaj Samp, Ahraaj Saamp, अहराज साँप, एहराज सांप, अहिराज।

वैज्ञानिक नाम

Bungarus fasciatus

उच्चारण

English – Ahiraj, Ahiraaj, Ehraaj, Ehraj, Ahraj, Ahraaj.

Hindi – अहिराज साँप, अहिराज सांप, अहराज, एहराज।

Ahiraaj  का शाब्दिक अर्थ

अगर हम इसका शाब्दिक विश्लेषण करें, तब हमें पता चलता है कि यह दो शब्दों से मिलकर बना है, जिनमें:

Ahi (अहि) + Raaj (राज) दो शब्द हैं।

हो सकता है यहाँ अहि का सम्बंध किसी विशेष जाति या समुदाय से हो!

परन्तु, यहाँ, यह तथ्य है कि राज का सम्बंध ‘राजा’ से है।

अर्थात, यह अहि नाम से सम्बंधित एक समुदाय का राजा है।

(अगर आपको इसका सही अर्थ पता हो तो हमें >> e_mail@shasyadhara.com पर मेल करके जरूर बताएँ, ताकि यहाँ अवश्य संभावी सुधार कर सकूं।)

विषय सूची

1. सामान्यअवधारणा
2. अहराजसाँप
3. Relation
4. वर्तमानमें इसकी स्थिति क्या है?
5. सावधानियाँ

(1). सामान्य अवधारणा

जिस तरह नाग सांप के साथ यह अधारणा है कि वह चंदन के पेड़ में लिपटा रहता है, उसी तरह इस सर्प की भी एक अवधारणा है।

यह एक सामान्य अवधारणा है जो झारखण्ड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और उड़ीसा के कुछ क्षेत्रों में दृढ़ है। यह इस प्रकार है-

“1. अहिराज सर्प के पास नागमणि होता है। वह उसे छुपाकर रखता है, और रात्रि में इसी की रोशनी की सहायता से शिकार करता है।

2. जबकि कुछ का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं होता है।

3. कुछ का मानना है कि नागमणि जैसा कुछ होता ही नहीं है, तो कुछ का कहना है कि कंचन मणि को ही नागमणि कहते हैं।”

(2). अहराज साँप Identification of Ahiraj

पहचान

इसका पहचान करना इसलिए आसान है क्योंकि इसमें निम्न. Pattern दिखाई देते हैं:

1. पट्टीनुमा पीली धारियाँ।

2. पट्टीनुमा काली धारियाँ।

यह दोनों, पट्टीनुमा धारियाँ एक के बाद एक लगातार अंतराल में देखी जा सकती हैं। सामान्यतः यह ‘Cross-banded’ धारी होते हैं।

वहीं इसकी लंबाई एक औसत भारतीय आदमी के बराबर होती है। हाँलाकि इसकी अधिकतम लम्बाई 10 फीट तक भी हो सकती है। 

उपस्थिति

उड़ीसा, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बिहार, लगभग देश के सभी भागों में।

निवास

दीमक के द्वारा बनाई गई बाम्बी, चूहों के द्वारा बनाये गये लम्बी-लम्बी सुरंग, कूड़े-करकट इत्यादि इनके पसंदीदा जगहों में हैं।

भोजन

मेंढ़क, गिरगिट, छोटे-बड़े कीड़े मकोड़े इत्यादि इसके भोजन हैं। मछली मिल जाने पर ये उसे छोड़ते नहीं।

स्वभाव

यह एकान्त प्रिय प्राणी होते हैं, परन्तु ज्यादा छेड़ने पर उग्र भी हो जाते हैं।

विष की घातकता

इस बारे में सभी जानते हैं कि Ahiraaj कितना खतरनाक saamp है। अच्छी तरह से डसने और सही समय पर उपचार न मिलने पर मनुष्य का बच पाना मुश्किल हो जाता है।

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(3). Relation

साँप की अन्य प्रजातियों से सम्बन्ध

अन्य प्रजाति की साँपों को यह अपना शिकार बनाती है। इसके लिए यह अपने ताकतवर माँसपेशियों के पास और घातक विष का करता है।

मनुष्यों से सम्बंध

मनुष्यों से दूरी बनाकर रहना प्रारंभ से ही इसकी खासियत रही है। अनजाने में मनुष्यों के सम्पर्क में आने से उन्हें इनके द्वारा डस लिया जाना आम बात है।

(4). वर्तमान में इसकी स्थिति क्या है?

IUCN द्वारा जारी सूची में अहिराज साँप ‘Least Concern’ श्रेणी में आती है। अर्थात, अन्य प्राणियों की तुलना में यह वर्तमान समय में समाप्ति की कगार से बहुत दूर है।

इस वर्गीकरण के दो अन्य वर्ग निम्नानुसार हैं:

1. Threatened.

2. Extinct.

जहाँ,

Threatened का अर्थ ऐसी जातियों से है जो समाप्ति के कगार पर हैं, और Extinct का सीधा सम्बन्ध ऐसे जीवों से है जो अब इस दुनिया में नहीं पाये जाते हैं।

इसका सबसे अच्छा उदाहरण डायनासॉर है जो हज़ारों वर्षों पहले ही इस पृथ्वी से लुप्त हो गए।

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(5). सावधानियाँ

क्या आपने कभी देखा है?

अगर आपने कभी देखा है तो हमें ईमेल पर संदेश भेजकर जरूर बताएँ। 

और, यदि आप ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं तो गर्मियों की मौसम में रात्रि के समय टॉर्च लेकर ही बाहर निकलें।

हालाँकि, वर्तमान समय में smartphone के आने के बाद ग्रामीण जनों के पास light का एक विकल्प हमेशा रहता है।

िख जाने पर क्या करें?

1. इसे न मारें।

2. छोटे बच्चों का हमेशा ख्याल रखें।

3. इन्हें embarrass कभी न करें।

4. किसी भी तरह की छेड़खानी न करें।

5. इसे भगाने के लिए सँपेरे की सहायता ली जा सकती है, क्योंकि वे इस क्षेत्र में कुछ न कुछ अनुभव रखते हैं।

6. अंत में वन विभाग के अधिकारियों को फोन करें।

Loro ghati

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