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Major Diseases of Poultry and Management


Major diseases of poultry and management

Post: Major diseases of poultry and their management. Know about the 5 most important diseases of poultry of hens and their management practices. This post ‘Major diseases of poultry and management‘ tells about major diseases of hens and chicks.

Key words: Major diseases of hens and chickens, poultry disease management.

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Contents
(1). Introduction to poultry farming and poultry diseases
(2). Ranikhet
(3). White diarrhoea
(4). Pox
(5). Coryza
(6). Coccidiosis

(1). Introduction to poultry farming and poultry diseases

मुर्गीपालन कृषि या कृषि कार्य से जुड़ी एक ऐसी व्यवसाय है जिसमें मुर्गी का पालन अण्डों और मुर्गी मांस के लिये की जाती है। यह प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक लाभ को प्राप्ति के लिए की जाती है। मुर्गीपालन के दौरान अनेक प्रकार की समस्याएँ आती हैं, जिनमें मुर्गियों से सम्बंधित बीमारी प्रमुख हैं।

इन बीमारियों की पहचान और उनका प्रबंधन आवश्यक है। उचित समय पर इलाज न हो पाने की दशा में आर्थिक लाभ अवश्य संभावी है। 

इस पोस्ट में मुर्गियों में होने वाली बीमारियों के कारण, उनका समय, पहचान और प्रबंधन के बारे में बताया गया है

डिस्क्लेमर: यह पोस्ट ‘सहायक पशु चिकित्सक डॉक्टर गौरव गुप्ता’ के द्वारा लिखी गई है। वे एक सरकारी पशु चिकित्सक हैं। दी गई जानकारी किसी भी तरह की असत्य तथ्यों पर आधरित नहीं है। यह पोस्ट जानकारी की दृष्टि से लिखी गयी गई है। जीव हत्या के लिए यह किसी को प्रेरित या बाध्य नहीं करती है।

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प्रकार

मुर्गीपालन के निम्न स्तर होते हैं:

1. घरेलू स्तर पर मुर्गीपालन

2. व्यावसायिक स्तर पर मुर्गीपालन

घरेलू स्तर पर किया जाने वाला मुर्गीपालन व्यावसायिक भी हो सकता है, या यह अधिकतर निजी शौक पर आधारित होती है। वहीं व्यावसायिक स्तर पर यह कार्य आर्थिक लाभ की प्राथमिकता के साथ ही कि जाती है।

डिस्क्लेमर: यह पोस्ट ‘सहायक पशु चिकित्सक डॉक्टर गौरव गुप्ता’ के द्वारा लिखी गई है। वे एक सरकारी पशु चिकित्सक हैं। दी गई जानकारी किसी भी तरह की असत्य तथ्यों पर आधरित नहीं है।

मुर्गीपालन के पैमाना चाहे कोई भी हों परन्तु इनके प्रबंधन का नियम एक ही होता है। 

इस पोस्ट के में हम निम्न. बिंदुओं के बारे में जानेंगे:

What is poultry disease?

मुर्गियों में लगने वाले रोग ऐसे रोग होते हैं जो Poultry Farming से सम्बंधित सभी प्रजाति की पक्षियों में पाई जाती हैं। ये रोग अति घातक होते हैं तथा अनुकल वातावरण में महत्वपूर्ण आर्थिक क्षति पहुँचाते हैं। ये रोग वातावरण अनुकुलित होते हैं अर्थात् अनुकुल वातावरण मिलते ही ये अपने host पर attack करते हैं। इनके कारकों की व्याख्या आगे की गई है।

The five major diseases of poultry

मुर्गियों में कई सारे रोग होते हैं, उनकी सूची इस प्रकार है:

  • Ranikhet.
  • White diarrhoea.
  • Pox.
  • Coryza.
  • Coccidiosis.

इनमें हम उन्हीं रोगों के बारे में जानेंगे जो मुर्गियों के पालन के दौरान सामान्य तौर पर देखी जाती हैं।

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2. रानी खेत Ranikhet

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यह मुर्गियों में होने वाली सबसे घातक बीमारी है जो पूरे फार्म को तबाह कट सकती है। कभी-कभी मृत्युदर 100% तक पहुँच जाती है।

1.1 कब लगती है यह रोग?

यह रोग अधिकतर गर्मी मौसम के शुरुआत के साथ ही शुरू हो जाती है और बहुत तेजी से पूरे flock में फैल जाती है।

1.2 रोग का कारण

इस रोग का कारण virus है। जो गर्मी के दिनों में सक्रीय होती है।

1.3 रोग की पहचान 

*इस रोग में मुर्गियाँ खाना-पीना छोड़ देती हैं। 

*मुर्गियाँ बहुत ही सुस्त और कमजोर हो जाती हैं।

*मुर्गियों की बीट में हरे रंग की मिश्रण होती है।

*मुँह से लार निकलना एक और पहचान है।

*रोग के लक्षण प्रकट होने के कुछ ही दिन में मुर्गियाँ मर जाती हैं।

इस रोग के प्रबंधन के लिए निम्न. बातें महत्वपूर्ण हैं:

*Poultry Farm को हमेशा साफ रखना।

*फर्श की सफाई के लिए किसी anti germ formulation का उपयोग किया जा सकता है।

*इनमें आसानी से मिलने वाली chemical, formalin है। जिसका 2% के रूप में उपयोग किया जाता है।

*ताजी हवा की व्यवस्था होनी चाहिए।

*सबसे महत्वपूर्ण है टीकाकरण। रानीखेत में दो टिके लगते हैं- 1. F1 और 2. R2B.

2. सफेद दस्त या white diarrhoea

White diarrhoea

सफेद दस्त मुर्गियों के छोटे बच्चों अर्थात् चूजों के लिए घातक होती है। 

2.1 कब लगती है यह रोग?

यह रोग बरसात समाप्ति के ठीक बाद और ठण्ड के शुरुआत के साथ ही प्रारम्भ हो जाती है। 

2.2 इस रोग का कारण Bacteria है।

2.3 रोग की पहचान

इस रोग से प्रभावित मुर्गियों की बीट सफेद रंग की होती है, जिसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है।

2.4 रोग प्रबंधन के सामान्य उपाय

*Poultry Farm को हमेशा साफ रखना।

*फर्श की सफाई के लिए किसी anti germ formulation का उपयोग किया जा सकता है।

*ताजी हवा की व्यवस्था होनी चाहिए।

3. पॉक्स या Pox

3.1 कब लगती है यह रोग?

यह रोग अधिकतर गर्मी के दिनों में आती है। इसमें सभी उम्र की मुर्गियाँ प्रभावित होती हैं, परन्तु मृत्युदर चूजों में ज्यादा होती है।

3.2 इस रोग का कारण Bacteria है।

3.3 रोग की पहचान

मुर्गियों के चेहरों व त्वचा में पॉक्स की उपस्थिति इसकी पहचान है।

3.4 रोग प्रबंधन के सामान्य उपाय

*Poultry Farm को हमेशा साफ रखना।

*फर्श की सफाई के लिए किसी anti germ formulation का उपयोग किया जा सकता है।

*ताजी हवा की व्यवस्था होनी चाहिए।

* समय पर टीकाकरण।

*Potassium Permanganate चूर्ण का उपयोग प्रभावित भागों में कई जानी चाहिए।

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4. Coryza

4.1 कब लगती है यह रोग?

इस रोग की उत्पत्ति ठण्ड के दिनों में होती है। 

4.2 इस रोग का कारण Bacteria है।

4.3 रोग की पहचान

मुर्गियों को सांस लेने में दिक्कत होती है। वे लम्बी सांस लेते हैं। और गले से गरगराने की आवाज आती है।

4.4 रोग प्रबंधन के सामान्य उपाय

*Poultry Farm को हमेशा साफ रखना।

*फर्श की सफाई के लिए किसी anti germ formulation का उपयोग किया जा सकता है।

*ताजी हवा की व्यवस्था होनी चाहिए।

*Medicine के रूप में cetirizine का उपयोग किया जाता है।

5. Coccidiosis

5.1 कब लगती है यह रोग?

यह रोग फरवरी-मार्च में आती है। 

5.2 इस रोग का कारण spore बनाने वाले parasite है।

5.3 रोग की पहचान

खूनी दस्त इसकी पहचान है।

5.4 रोग प्रबंधन के सामान्य उपाय

*Poultry Farm को हमेशा साफ रखना।

*फर्श की सफाई के लिए किसी anti germ formulation का उपयोग किया जा सकता है।

*ताजी हवा की व्यवस्था होनी चाहिए।

*Medicine के रूप में piperazine का उपयोग किया जाता है।

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