Paddy Straw Mushroom Cultivation, Method and Procedure

Paddy Straw Mushroom Cultivation, Method, Procedure

Paddy Straw Mushroom Cultivation: Method and Materials, and Procedure of Production of Paddy Straw Mushroom.

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Paddy Straw Mushroom Cultivation

इस लेख का उद्देश्य मशरुम उत्पादन की आधरभतू जानकारी प्रदान करना है…

आपसे अनरोधु है की इस लेख में दिए स्टेप्स का अनसरणु करें, आधारभतू  पहलुओं को समझें, उसके पश्चात ही व्यवसायिक स्तर पर इसे प्रारंभ करें धन्यवाद।

पैरा मशरुम उत्पादन की विधि (Method of Cultivation of Paddy Straw Mushroom)

विषय सूची

A. आवश्यक सामग्री।
B. प्रक्रिया।
C. सावधनियााँ

(A). आवश्यक सामग्री

1. धान की पुआल
2.सीमेंट टंकी।
3. फॉर्मेलिन।

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धान की पुआल

धान की पुआल सुखी होनी चाहिये।
सड़े पुआल उपयोग में न लाएं।
पुआल की मात्रा ज्यादा या कम रखी जा सकती है।

सीमेंट की टंकी

सीमेंट की टंकी का आकार पुआल की मात्रा पर निर्भर करती है।
इसका आकार मशरुम उत्पादि के पैमाने पर निर्भर करता है।

फॉर्मेलिन

यह एक रसायन है जो जीवाणु नाशक का काम करता है।
यह आसानी से मेडिकल स्टोर में मिल जाता है।
इसके जगह 2% bavistin का उपयोग भी किया जा सकता है।

Trade name of bavistin is carbendazim (SAAF also consists carbendazim)

(B). प्रकिया (Procedure of Production of Paddy Straw Mushroom)

B.1: मशरूम बेड  की तैयारी

इस मशरूम की खेती पुआल से बने  घर  और पेड़ की छाया के नीचे की जा सकती है। 
ताजा, रोगमुक्त धान का पआलु आदर्श माध्यम है। 
एक बेड तैयार करने के लिए कुछ किलो से लेकर 15 किलो या ज्यादा मात्रा में धान की पुआल की आवश्यकता होती है।  

इसकी खेती के लिए लगभग 25 -35 डिग्री सेल्ससयस तापमन और 75-80% के सापेक्ष आर्द्भता की आवश्यकता होती है।

B.2: Paddy Straw Bundle बनाना

धान की पुआल को वजन के हिसाब से बााँधें।
सभी बंडलों की वजन समान रखें।
बंडल बनाने से पहले पुआल को लंबाई में काट लें।
इन्हें 1 से 1.5 फ़ीट की लंबाई में ही काटें।
अब इनका बंडल बना लें।

अब पुआल को के बंडल को 12-18 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखें। यह कार्य शाम को करें।
पानी में 2 प्रतिशत फॉर्मेलिन, जैसे- 1 लीटर पानी में 20 ml फॉर्मेलिन।

सुबह बंडलों को निकालकर अतिरिक्त पानी की निकासी करें।
इसे छाँव में रखकर ही अतिरिक्त जल की निकासी करें।

यहाँ अतिरिक्त जल से यह आशय है कि जब हम सुखाए गए पुआल को हाथ से छुएँ तो इसमें सिर्फ चिपचिपापन का अहसास हो। अर्थात नमी की मात्रा 70% हो।

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पहली इकाई (mushroom bed)

अब बंडलों को खोलकर spawning के लिए परत बनाएं। एक single परत को वर्गाकर रूप देते हैं।
इसकी लम्बाई, चौड़ाई और ऊाँचाई 1 – 1.5 फीट रखते हैं।
इस परत को Compact बनाने के ललिए इसे अच्छी तरह से दबा देते हैं।
यह पहली परत होगी।

अब Spawning की प्रक्रिया करते हैं।
परत की ऊपरी सतह परिधि के सर्च चारों ओर अच्छी तरह से पिसे गए चने की powder की एक परत दें।

इसके ऊपर मशरुम mushroom spawn की परत डालें।

इसके बाद पहली परत के ऊपर पुआल की परत रखते हैं और समान प्रक्रिया दोहराते हैं।

दूसरी परत की ऊपरी भाग में भी Spawning की जानी चाहिए, तथा इसे पुआल की हल्की परत से ढँक दें।

इसी तरह की अन्य इकाईयों को एक सीधी लाइन रखें।

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प्रारम्भ के लिये दो परत ही काफी हैं, व्यावसायिक स्तर पर इसे बढ़ा सकते हैं।

मशरुम बेड को जितना compact हो सके उतना बनाएं, फिर इसे पारदर्शी पॉलीथिन शीट से ढँक दें।

इसे सप्ताह भर के लिए पॉलीथिन से cover करके रखें।

एक सप्ताह के बाद भूरे सफेद रंग के mycelium आ जाते हैं जो मकड़ी की जाल की तरह दिखते हैं।

मशरूम 7-15 दिनों में बी छोटे बटन के रूप में सभी भागों में दिखाई देने लगते हैं।, जो की 4 – 5 दिनों में तुड़ाई हेतु तैयार हो जाती है।

आमतौर पर, 1 – 2 किलोग्राम मशरूम 10 किलोग्राम Substrate से प्राप्त की जा सकती है।

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सावधानियां

ध्यान दें: आमतौर पर mushroon bed में सही आर्द्भता जरूरी है, अगर पुआल के बंडल पूरी तरह भीगे हों। 

यदि नमी कम पाई जाती है, तो इसे   Water cane का उपयोग करके पूरा किया जा सकता है। 

दूसरी ओर, यदि नमी अधिक पाई जाती है, तो नमी को लिकालने के लिए पॉलीथिन कवर आंशिक रूप से होनी चहिके।

उत्पादि की सफलता mushroom bed में तापमान और नमी पर निर्भर करती है। 

Mushroom button अच्छी तरह से विकसित हों इसके लिए 30- 35 °C का इष्टतम तापमान आवश्यक है।

  • Mushroom Bed को चूहों से बचायें।
  • Spawning किए गए Mushroom Bed को हर तरह के Contamination से बचायें।

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