The Rare Bird Sparrow

Sparrow A Rare or Extinct Bird

Sorrow or Old World Sparrow or Goraiya is a small bird belonging to family Passeridae.

Sparrow: General Information

Common name: House Sparrow
English name: Sparrow
Hindi name: Goraiya (गौरैया)
Scientific name: Passer domesticus
Family: Passeridae

Native place: Mainly Asia and Europe
Occurance: All continents except Antarctica

Ashy Prinia is smaller than House sparrow bird

प्राप्ति स्थान: इसका मुख्य प्राप्ति स्थान एशियाई और यूरोपियन देश हैं। अन्य महाद्वीपों जैसे अमेरिका, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में यह introduce की गई हैं। (Ref. 01).

गौरेया एक छोटी सी चिड़िया है जो सिल्वर ग्रे (Silver Gray) और कहीं-कहीं काले रंग की होती है। इसे इंग्लिश में Sparrow (स्पैरो) के नाम से भी जाना जाता है। यह अपना घोंसला छोटे से लेकर मध्यम आकार के पेड़ों पर बनाती है। कई बार घोंसला बनाने के लिए यह बिजली के खंभों, ऊँचाई पर स्थित घर की खिड़कियों इत्यादि का उपयोग करती हैं।

हालाँकि यह चिड़िया पालतू तो नहीं है पर यह इंसानों के बीच ही रहना पसंद करती हैं।

इस पोस्ट में हम उन्हीं बातों पर गौर करेंगें जिसे हम वर्षों से अनुभव करते आ रहे हैं। यह अनुभव है गौरैया या स्पैरो नाम की चिड़िया के हमारे आसपास के वातावरण से धीरे-धीरे विलुप्त होने का।

क्या कारण हैं इनके विलुप्त होने के?

वर्तमान में इनके विलुप्त होने के कई कारण हैं, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण कारण निम्न हैं:

1. जलवायु में परिवर्तन (Climate Change)।

2. शिकारी।

3. विषाक्त कृषि (कृषि क्रियाएँ)।

जलवायु परिवर्तन

चिड़िया की इस सुंदर प्रजाति के कई जगहों से लुप्त होने का सबसे महत्वपूर्ण कारण जलवायु में परिवर्तन है। जलवायु परिवर्तन के महत्वपूर्ण कारणों में हानिकारक मानवीय क्रियाकलाप हैं, जिनमें जंगलों का सफाई किया जाना, विकास के नाम पर कारखानों व अन्य हानिकारक लघु उद्योगों का अनवरत संचालन किया जाना है।

यहाँ जलवायु परिवर्तन से तात्पर्य सूक्ष्म जलवायु (micro climate) से है। एक बड़ी Ecosystem (इकोसिस्टम) की तुलना में micro climate सीमित क्षेत्र तक ही होती है। उदाहरण के लिए अगर हम निम्न परिस्थितियों को लेकर किसी गाँव की बात करें तो;

(1). स्थिति 01: गाँव में कारखानों की स्थापना।

(2). स्थिति 02: शहरीकरण।

(3). स्थिति 03: ध्वनि प्रदूषण

स्थिति 01: गाँव में कारखानों की स्थापना

गाँव में या गाँव के समीप किसी भी तरह के कारखानों की स्थापना, जैसे ईंट की भठ्ठी या Food Processing Unit (फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट) से सम्बंधित लघु उद्योगों द्वारा विसरित होने वाली जहरीली गैसें सूक्ष्म जलवायु को काफी हद तक प्रभावित करती हैं। यह प्रभाव दैनिक तापमान में परिवर्तन और वायु में शुद्धता की कमी के रूप में अनुभव की जा सकती है।

स्थिति 02: शहरीकरण

शहरीकरण होने या किये जाने का प्रत्यक्ष सम्बंध हरियाली के विनाश से है। जितना ज्यादा शहरीकरण उतना ही ज्यादा प्रकृति का विनाश; यह सत्य बात है। पेड़ चिड़ियों के प्राकृतिक आश्रय होते हैं, जो शहरीकरण के साथ उनसे छीन जाती हैं 

स्थिति 03: ध्वनि प्रदूषण

औसतन ध्वनि प्रदूषण के 2 मुख्य स्रोत होते हैं, इनमें एक भारी वाहन और दूसरा कारखाने; वहीँ निरन्तर विकास के की वजह से सुदुर ग्रामीण क्षेत्रों में भी इन दो स्रोतों का पाया जाना आम बात है। अन्य परिस्थितियों के मुकाबले ध्वनि प्रदूषण से यह प्रजाति बहुत जल्दी प्रभावित होती हैं।

शिकारी

यहाँ शिकारी से तात्पर्य इंसानों से है। गाँवों में अधिकतर यह देखने मिलता है कि बच्चे और कुछ अन्य ग्रामवासी शिकार करते हैं। यह एक प्रमुख वजह है कि वे अपने आवास को छोड़कर दूसरी जगह चले जाते हैं।

विषाक्त कृषि (कृषि क्रियाएँ)।

अनगिनत पीड़कनाशियों (Pesticides) की उपलब्धता, इनका खेती में अनियंत्रित उपयोग सम्पूर्ण पारिस्थितिक तंत्र को बर्बाद कर देती है। 

पीड़कों के विरूद्ध उपयोग की जाने वाली यह chemical pesticides बहुत ही विषैले होते हैं। ये वातावरण के महत्वपूर्ण हिस्सों जैसे- जलतंत्र, वायुतंत्र तथा खाद्य शृंखला में मिलकर प्रत्येक जीव को हानि पहुँचाते हैं। इस क्रम में ये गौरैया के लिए भी हानिकारक ही साबित हुए हैं।

Note: Insect-pests नियंत्रण हेतु खेती की जैविक विधियों का उपयोग किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष

मानव सभ्यता की विकास के साथ ही विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में भी समय के साथ अभूतपूर्व विकास हुआ और यह निरन्तर जारी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि विकास और निरन्तर उन्नति के साथ ही प्रकृति को अनावश्यक क्षति हो रही है, और कार्य अनजाने में नहीं कि जा रही। दुनिया में सभी देशों को पता है कि इसके क्या दुष्परिणाम हैं, फिर भी यह बदस्तुर जारी है।

अगर हम वर्तमान से 10 -15 वर्ष पीछे जायें तो कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे थे जहाँ गौरैया देखी जा सकती थी, परन्तु आज उन्हीं जगहों पर इनकी कोई नामों निशान नहीं है।

जरूरत है प्रकृति से प्रेम करने की और मूक जीवों के संरक्षण की।

पोस्ट से सम्बंधित शब्दों की व्याख्या

1. Introduced

Introduced जीव या जाति ऐसे जीव होते हैं जो वर्तमान में जिस क्षेत्र में लाये गये हैं, उससे पूर्व उस क्षेत्र विशेष में उनकी कोई उपस्थित दर्ज नहीं कि गयी होती है।

2. लघु उद्योग

लघु उद्योग’ (छोटे पैमाने की औद्योगिक इकाइयाँ वे इकाइयां होती है।

3. सूक्ष्म जलवायु या Micro Climate

सूक्ष्म जलवायु या micro climate, जलवायु का वह रूप है जो एक छोटे से पारिस्थितिकी क्षेत्र में ही सीमित रहती है। उदाहरण- एक Aquarium के अंदर का पूरा वातावरण एक micro climate होता है।

4. Food Processing Unit

Food Processing Unit ऐसे इकाई होते हैं जहाँ कच्चे पदार्थों (कृषि उपज) से परिष्कृत उत्पाद बनाये जाते हैं।

5. खेती की जैविक विधि

खेती की वह विधि जिसमें कृषि प्रबंधन के रासायनिक उपायों को जैविक विधि से विस्थापित किया जाता है, खेती की जैविक विधि कहलाती है। उदाहरण:

*रासायनिक खाद की जगह Vermicompost (केंचुआ खाद) या गोबर खाद का उपयोग करना। 

*रासायनिक कीटनाशक की जगह Neem Based Insecticides का उपयोग करना।

*Egg Parasitoides जैसे- ट्राईकोग्रामा का उपयोग।

* Predarors का उपयोग।

* Trichoderma प्रजाति का उपयोग।

संदर्भ

01. विकिपीडिया/Sparrow/

02. Unsplash/birdongreenplant/wolfgang/


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